मराठ्यांच्या इतिहासाची साधने खंड आठवा (१६४९-१८१७)

[ ५७ ]                                    अलीफ.                                            १९ आगस्ट १७०७.

सर्व राजांत श्रेष्ठ, सर्व उमरावांत थोर, मुसलमानी धर्मरक्षक, राजे शाहू याणीं बादषाही कृपेचे उमेदवार होऊन जाणावें कीं, सांप्रत ईश्वर कृपेंकरून आमची फत्ते होऊन सिंहासनाधिरूढ झालो. तुमचे निष्ठेविशीचा मजकूर अमीरुल उमराव याणीं समजाविला. ऐशीयास तुह्मीं पेशजी प्रों। इकडील लक्षांत बागवोन मशारनिल्हे लिहितील तशी वर्तणूक करीत जावी. छ २ जमादिलाखर, सन १ जुलूस.

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